badal gaya

भादो में पड़ रही सावन की फुहार
बहुत कुछ बदल गया है मेरे यार।
अध्यापक कर रहा छात्रा से दुराचार।
अब बहुत कुछ बदल गया है मेरे यार।
घर में बीवी है तलवार लेकर तैयार,
आवज गूंज उठती है मार-मार
फिर भी ये सामान्य सा हो गया है यार।
अब तो अर्थ के आगे सब व्यर्थ है
पूरी अर्थ पर ही अर्थ है
यहां बेटा करता बाप पर वार
भाई-भाई, मियां बीवी सबमें चलती है तलवार
जरा सम्भल कर चलो मेरे यार।
बहुत कुछ बदल गया है मेरे यार।।