दुनिया बड़ी निराली है
दुनिया बड़ी निराली है
फैल रहा प्रदूषण चारो tarapha
सरकार ले रही इसे दूर करने का halapha
जो दूर करने का अधिकारी है
vahi सबसे बड़ा शिकारी है
खाता है पैसा दूर करने का
pradushan खुद बढ़ाता चला जाता है
पैसा दबाता है जेब में
और घर चला आता है
दूसरों को देता है shiksha deta दूर करने का
उसका घर खुद pradooshan की थाली है
दुनिया बड़ी निराली है।
वन कटवा रहा है वन रक्षक
पशुओं के लिए नियुक्त अधिकारी खुद बन गया है उसका भक्षक
खुद चारो तरफ जल बहा रहा हैजल संरक्षक
जो जहां पा रहा हैवो वहीं लुटे जा रहा है
न्यायालय में गीता की कसम खाझुठ की कथा गा रहा है
यमुना पर हुआ लाखों खर्चगंगा में भी करोड़ो डुबा रहा है
खुद नदियों को अपने पाप से प्रदुषित करता जा रहा है
नदियों का नहीं किया उद्धार किसी नेसब पैसा खुद दबा गए
पैसे के लिए खाली सबकी थाली है
किसान मर रहा खेत में
व्यापारी का जेब भारी है
पैदा करता है वहव्यापारी किमत लगाने का अधिकारी है
दुनिया बड़ी निराली है
कोइ खाते-खाते मरेकिसी का पेट खाली है।