दर्द सीने में लेकर घूमा करता हूँ,
ना कहूँ किसी से दर्द की बात,
दर्द को दिल से चूमा करता हूँ।
यही राज है मेरे हंसी का दोस्तों,
जितना बढ़ता है दर्द दिल में,
उतना दूसरों का दर्द देख जीया करता हँू।
ना गम है हमें किसी के गम का,
बस उस गम को कितना ले सकता हूँ मैं,
इसी को हर वक्त देखा करता हूँ।
अपने हुए पराये फिर सोचता हँू मैं,
क्या करना जिंदगी तो आयी है अकेले,
अकेले टिकटी सजाने को सोचा करता हँू।
इसी कारण दोस्तों,
छुट्टी के दिनों में पार्कों में नहीं,
शमशान जाकर मैं हर वक्त घूमा करता हूँ।
ना कहूँ किसी से दर्द की बात,
दर्द को दिल से चूमा करता हूँ।
यही राज है मेरे हंसी का दोस्तों,
जितना बढ़ता है दर्द दिल में,
उतना दूसरों का दर्द देख जीया करता हँू।
ना गम है हमें किसी के गम का,
बस उस गम को कितना ले सकता हूँ मैं,
इसी को हर वक्त देखा करता हूँ।
अपने हुए पराये फिर सोचता हँू मैं,
क्या करना जिंदगी तो आयी है अकेले,
अकेले टिकटी सजाने को सोचा करता हँू।
इसी कारण दोस्तों,
छुट्टी के दिनों में पार्कों में नहीं,
शमशान जाकर मैं हर वक्त घूमा करता हूँ।
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